उच्च शिक्षा प्रणाली
उच्च शिक्षा प्रणाली
NTA/UGC NET/JRF के लिए महत्त्वपूर्ण नोट्स
NTA/UGC NET/JRF के लिए महत्त्वपूर्ण नोट्स
§ भारतीय उच्च शिक्षा का इतिहास लार्ड मैकाले की
शिक्षा नीति से जुड़ा हुआ है.
§ 1857 में कलकत्ता, बम्बई और मद्रास विश्वविद्यालयों की स्थापना
लंदन विश्वविद्यालय के नमूने पर की गई. वे केवल परीक्षा लेने वाले विश्वाविद्यालय
थे. कैम्ब्रिज और ऑक्सफ़ोर्ड के समान इनमें सहजीवन नहीं था.
§ 1920 में सर सैय्यद अहमद खां ने अलीगढ़ मुस्लिम
विवि की स्थापना की.
§ 1918 में हैदराबाद के निजाम ने उस्मानिया विवि
की स्थापना की जिसमें शिक्षा की भाषा का माध्यम उर्दू रखा गया.
§ उच्च शिक्षा से संबंधित कुछ महत्त्वपूर्ण
अधिनियम निम्नलिखित हैं-
1. चार्टर अधिनियम 1813: इसमें ईसाई मिशनरियों
को अपने धर्म के प्रचार की अनुमति दे दी गई. 1817 में कलकत्ता में हिन्दू कॉलेज की
स्थापना की गई जो 1855 में प्रेसिडेंसी कॉलेज बना और 2010 में इसका नाम बदलकर
प्रेसिडेंसी विवि कर दिया गया.
2. मैकाले रिपोर्ट 1835: इस शिक्षा पद्धति में
देशी शिक्षा के बदले पाश्चात्य शिक्षा को अपनाने पर बल दिया गया ताकि सस्ते भारतीय
मजदूर बनाए जा सके. इस रिपोर्ट के आधार पर तत्कालीन गवर्नर जनरल लार्ड विलियम ने
1837 में अंग्रेजी को ‘सरकारी भाषा’ का दर्जा दिया जिसके बाद सरकारी नौकरियों के
लिए अंग्रेजी अनिवार्य हो गई. मैकाले ने स्पष्ट कहा था कि ‘हम भारत पर पूर्ण रूप
से अपना अधिकार नहीं जमा सकते जब तक यहाँ की शिक्षा पद्धति से संस्कृत को पूर्णतः
निष्कासित नहीं कर दिया जाता.’
3. वूड डिस्पैच 1854: उच्च शिक्षा के विषय
में पहली नीति थी जिसे अंग्रेजी शिक्षा का ‘मग्नाकारटा’ कहा गया. इसमें प्राथमिक
और विश्वविद्यालयी शिक्षा पर बल दिया. उच्च शिक्षा के लिए अंग्रेजी और निम्न
शिक्षा के लिए मातृभाषा की मांग की. अतः इस दस्ताबेज को जन शिक्षा की दिशा में बड़ा
कदम माना गया. इसी नीति के अंतर्गत कलकत्ता, माद्रस और मुंबई विवि की स्थापना की गई.
4. विश्वविद्यालय आयोग 1902: लार्ड
कर्जन ने उच्च शिक्षा के महत्त्व को समझते हुए थॉमस रॉली की अध्यक्षता में 27
जनवरी 1902 में विवि आयोग की नियुक्ति की गई. यह विवि की जाँच और उन पर विचार करता
है.
5. राष्ट्रीय शिक्षा परिषद 1905: बंगाल
विभाजन के बाद राष्ट्रवादी नेताओं द्वारा इसकी स्थापना की गई. स्वतंत्रता के बाद
जादवपुर विश्वविद्यालय के रूप में यह विकसित हुआ. रवीन्द्रनाथ टैगोर ने भारतीय
संस्कृति और ज्ञान के प्रचार प्रसार के लिए ‘शांति निकेतन’ की स्थापना की.
6. कलकत्ता विश्वविद्यालय आयोग 1917: इस
आयोग का गठन कलकत्ता विवि की स्थिति की जाँच के लिए किया गया. इसमें सैडलर आयोग
नियुक्त किया गया जिसके कार्य निम्नलिखित हैं-
a. शिक्षकों की नियुक्ति के लिए एक विशेष चयन समिति
का सुझाव दिया.
b. दो तरह के पाठ्यक्रम चलाने का सुझाव दिया- ऑनर्स
कोर्स और पास कोर्स.
c. केन्द्रीय शिक्षा सलाहकार बोर्ड (CABE)
की स्थापना का सुझाव दिया.
d. प्रसिद्ध व्यक्तियों के नाम पर पीठ स्थापित करने
का सुझाव दिया.
e. विज्ञान के लिए प्रयोगशाला बनाने का सुझाव दिया.
7. वर्धा शिक्षा योजना 1937: इसे
नयी शिक्षा या बुनियादी शिक्षा के रूप में भी जाना जाता है. इस योजना को डॉ. जाकिर
हुसैन की अध्यक्षता में एक निश्चित आकार दिया गया. इसमें यह मांग की गई कि प्रारंभ
से 7 वर्ष तक अनिवार्य व निःशुल्क शिक्षा होनी चाहिए. शिक्षा का माध्यम मातृभाषा
होनी चाहिए.
8. माध्यमिक शिक्षा योजना (SEC) 1952: डॉ.
लक्ष्मण स्वामी मुदालियर की अध्यक्षता में इसकी स्थापना की गई. इसके कार्य
निम्नलिखित हैं-
a. इस आयोग ने सर्वप्रथम तीन वर्षीय माध्यमिक और
चार वर्षीय उच्च शिक्षा प्रणाली की माँग की.
b. वस्तुनिष्ठ परिक्षण पद्धति को अपनाने की सलाह
दी.
c. संख्यात्मक अंक देने के बदले सांकेतिक अंक देने
की सलाह दी.
d. उच्च तथा उच्चतर शिक्षा में गणित, सामान्य ज्ञान, कला, संगीत जैसे कुछ विषय
अनिवार्य कर दी गई.
9. कोठारी आयोग 1964-66: इस आयोग को शिक्षा और
राष्ट्रीय विकास के नाम से भी जाना जाता है. इस रिपोर्ट के महत्त्वपूर्ण सुझाव
हैं-
a. 3 वर्ष का डिग्री कोर्स और 4 वर्ष का ऑनर्स
कोर्स का प्रस्ताव दिया.
b. सकल घरेलु उत्पाद का 16% शिक्षा पर खर्च किया
जाना चाहिए.
10. राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NPE)
1986: इसका गठन भी कोठरी आयोग के आधार पर ही किया गया. इसके मुख्य
कार्य निम्नलिखित हैं-
a. महात्मा गाँधी के विचारों के अनुरूप ग्रामीण
विवि की स्थापना.
b. IGNOU
पद्धति के आधार पर मुख्य विवि की स्थापना.
c. शिक्षा की सार्वभौमिक पहुँच पर बल.
d. शिक्षा का आधुनिकीकरण और व्यावसायिककरण पर बल.
मानव संसाधन विकास मंत्रालय (MHRD)
§ 1985 से पहले इसे ‘शिक्षा एवं संस्कृति मंत्रालय’ के नाम से जाना जाता
था. यह उच्च शिक्षा विभाग और शिक्षा के क्षेत्र में विकास के लिए उत्तरदायी है.
इसके प्रमुख कार्य निम्नलिखित हैं-
a.
भारतीय
मानव संसाधन क्षमता का विकास करना.
b.
शिक्षण
की गुणवत्ता में सुधार लाना.
c.
सकल
नामांकन अनुपात में वृद्धि करना.
d.
उच्च
शिक्षा में प्रौद्योगिकी का प्रयोग करना.
e.
व्यावसायिक
शिक्षा का विस्तार करना.
f.
भारतीय
भाषाओं का विकास करना.
g.
शिक्षा
के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग करना.
§ MHRD द्वारा जारी 6 शीर्ष विश्वविद्यालय निम्नलिखित
हैं-
1.
अखिल
भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTA)
2.
वास्तुकला
परिषद (CA)
3.
भारतीय
ऐतिहासिक अनुसंधान परिषद (ICHR)
4.
भारतीय
दार्शनिक अनुसंधान परिषद (ICER)
5.
भारतीय
सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICSSR)
6.
विश्वविद्यालय
अनुदान आयोग (UGC)
विश्वविद्यालय
अनुदान आयोग (UGC)
§ 1952 में सरकार ने निर्णय लिया कि केन्द्रीय
विवि तथा अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों को दिए जाने वाले वित्तीय सहयोग को UGC के
अधीन लाया जाए. 28 दिसंबर 1953 को तत्कालीन शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आज़ाद
ने UGC
की नींव रखी थी. इसके बाद 1956 में UGC को संसद में पारित कर एक विशेष विधेयक के रूप
में सरकार के अधीन लाया गया.
§ UGC के
निम्नलिखित उद्देश्य हैं-
1.
विश्वविद्यालय
शिक्षा समन्वय को बढ़ावा देना.
2.
शिक्षण
पद्धति एवं अनुसंधान के मानकों का निर्धारण करना.
3.
शिक्षा
के नियमों का निर्धारण करना.
4.
विवि
को अनुदान वितरण करना.
5.
उच्च
शिक्षा के लिए केंद्र व राज्य सरकार के बीच कड़ी का काम करना.
6.
शिक्षा
संबंधी सुधार के लिए केंद्र और राज्य सरकार को सुझाव देना.
§ UGC
में एक अध्यक्ष, एक उपाध्यक्ष और 10 अन्य सदस्य होते हैं जिसकी नियुक्ति केन्द्रीय
सरकार द्वारा की जाती है. UGC का सचिव ही अध्यक्ष के रूप में कार्य करता है.
§ वर्तमान में UGC के अध्यक्ष धीरेन्द्र पाल सिंह हैं.
§ डॉ. C.D. देशमुख इसके पहले अध्यक्ष थे.
§ UGC के
6 क्षेत्रीय कार्यालय हैं-
1.
पुणे
2.
भोपाल
3.
कलकत्ता
4.
बंगाल
5.
हैदराबाद
6.
गुवाहाटी
भारतीय विश्वाविद्यालयों के प्रकार:
§ भारत में मुख्यतः चार प्रकार के विश्वविद्यालय
हैं. वे निम्नलिखित हैं-
1. केन्द्रीय विश्वविद्यालय (CU): केन्द्रीय
मानव विकास मंत्रालय उच्च शिक्षा विभाग के कार्य क्षेत्र के अंतर्गत आते है.
केन्द्रीय विश्वविद्यालय अधिनियम 2009 को प्रभावी हुआ. इसके माध्यम से प्रत्येक उस
राज्य में जिसमें कोई भी केन्द्रीय विवि नहीं है, उसमें 16 केन्द्रीय विवि की स्थापना की गई. 2009
से पूर्व 26 केन्द्रीय विवि थे. 2009 के बाद 21 केन्द्रीय विश्वविद्यालयों की
स्थापना हो चुकी है. आज कुल 47 केन्द्रीय विवि हैं.
2. राज्य विश्वविद्यालय: राज्य विवि UGC
अधिनियम 1956 की 12B सूची में सम्मिलित है. राज्य विवि का विकास राज्य सरकार का
उत्तरदायित्व है. लेकिन UGC की ओर से भी इसे अनुदान मिलता है. 2018 तक भारत
के सबसे अधिक राज्य विवि वाले राज्य निम्नलिखित हैं-
1. उत्तर प्रदेश- 31
2. गुजरात- 30
3. कर्नाटक-28
4. पश्चिम बंगाल-27
§ केंद्र शासित प्रदेशों में 1 चंडीगढ़ में और 7
राज्य विवि दिल्ली में हैं.
3. सम विश्वविद्यालय (डीम्ड यूनिवर्सिटी): जो
उच्चतर शिक्षा संस्थान शिक्षा के विशिष्ट क्षेत्र में ऊँचे स्तर पर कार्य कर रहे
हैं उन्हें विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की सलाह पर केन्द्रीय सरकार द्वारा सम
विश्वविद्यालय घोषित किया जा सकता है. सम विवि देश में उच्चतर शिक्षा का विकास
करता है. डीम्ड विवि के बारे में कुछ महत्त्वपूर्ण बातें निम्नलिखित हैं-
1. इन्हें काफी स्वायत्तता प्राप्त होती है.
2. यह अपना पाठ्यक्रम स्वयं निर्धारित कर सकता है.
3. स्वयं प्रवेश व शुल्क संबंधी नियम बना सकता है.
4. यह उपाधि प्रदान कर सकता है.
§ इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ माइंस (धनबाद) और भारतीय
विज्ञान संस्थान (बंगलुरु) जाने-माने डीम्ड विवि हैं.
§ भारतीय विज्ञान संस्थान और भारतीय कृषि अनुसंधान
संस्थान (दिल्ली) दो पहले ऐसे संस्थान थे जिन्हें डीम्ड विवि का दर्जा मिला था.
§ भारतीय विज्ञान संस्थान की स्थापना 1908 में हुई
और 1958 में इसे डीम्ड विवि का दर्जा मिल गया.
4. निजी विश्वविद्यालय: निजी विवि वह है जो
प्रायोजित निकाय अर्थात् पंजीकरण अधिकरण 1960 के तहत पंजीकृत हो और राज्य तथा
केंद्र सरकार द्वारा समय-समय पर लागू किए गए नियमों का पालन करता हो.
§ निजी विवि UGC के अधिनियम 22 के अंतर्गत डिग्री देने में भी
सक्षम है.
§ भारत में सबसे पहला निजी विवि सिक्किम मणिपाल
यूनिवर्सिटी है जो 1955 में स्थापित किया गया. 07.08.2018 तक कुल विश्वविद्यालयों
की संख्या 867 थी. इसमें राजकीय विवि-389, सम विवि-124, केन्द्रीय विवि-47 और निजी विवि-307 हैं.
विश्वविद्यालयों के बारे में कुछ रोचक तथ्य:
§ UGC
2014 के रिपोर्ट के अनुसार राजस्थान में 61, उत्तर प्रदेश में 58 और तमिलनाडू में 51
विश्वविद्यालयों की संख्या है.
§ देश में 11 विवि विशेष रूप से महिलाओं के लिए
हैं जिसमें राजस्थान में 3, तमिलनाडू में 2, आंध्र प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, कर्नाटक, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल में 1-1 हैं.
§ अंडमान निकोबार द्वीप समूह, दादर और नगर हवेली, दमन और द्वीव और
लक्ष्यद्वीप में कोई विवि नहीं हैं.
§ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ‘विश्व भारती
विवि’
के कुलपति हैं. यह देश का ऐसा एकल विवि है जिसके कुलपति प्रधानमंत्री हैं. इससे
पहले मनमोहन सिंह इसके कुलपति थे.
मेटा यूनिवर्सिटी
§ मेटा यूनिवर्सिटी का उद्देश्य विभिन्न
विश्वविद्यालयों द्वारा नवीनतम तकनीकों का प्रयोग करके शिक्षा संसाधनों को साँझा
कराना है. इससे विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा और व्यक्ति के विकास का अवसर मिलता
है.
§ दिल्ली विवि और जामिया मिलिया इस्लामिया दो ऐसे
यूनिवर्सिटी हैं जो मेटा विवि अवधारणा के तहत दो वर्ष का ‘मास्टर्स इन
मैथेमेटिक्स’ एजुकेशन डिग्री कोर्स शुरू किया है.
Intra University
Centers (IUC)
§ UGC के
खंड 12ccc के तहत इसकी स्थापना हुई. वर्तमान में इसकी संख्या 7 हैं-
1. इंटर यूनिवर्सिटी एक्सीलेरेटर सेंटर (IUAC) (नई
दिल्ली)
2. इंटर यूनिवर्सिटी सेंटर फॉर एस्ट्रोनोमी एंड
एस्ट्रोफिजिक्स (पुणे)
3. UGC-DAE कंसोल्टियम
फॉर साइंटिफिक रिसर्च (इंदौर)
4. सूचना और पुस्तकालय नेटवर्क (INFLIBNET-अहमदाबाद)
5. कंसोल्टियम फॉर एजुकेशन कम्युनिकेशन (नई दिल्ली)
6. राष्ट्रीय मूल्यांकन और प्रत्यायन परिषद
(बंगलोर)
7. अन्तरविश्वविद्यालय अध्यापक शिक्षा केंद्र
(काकीनाडा)
भारत के प्रमुख रिसर्च सेंटर:
1. भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद 1969, नई
दिल्ली
2. भारतीय दर्शन अनुसंधान परिषद 1977, नई दिल्ली
3. भारतीय इतिहास अनुसंधान परिषद 1972, गुवाहाटी
4. भारतीय विज्ञान दर्शन तथा संस्कृति की इतिहास
परियोजना 1990, नई दिल्ली
5. राष्ट्रीय ग्रामीण संस्थान परिषद 1990, हैदराबाद
टॉप सम्पूर्ण संस्थान
1. भारतीय विज्ञान संस्थान, बंगलुरु
2. भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, चेन्नई
3. IIT
खड़गपुर
4. IIT
दिल्ली
5. JNU नई
दिल्ली
6. IIT
कानपुर
7. IIT
गुवाहाटी
8. IIT
रुड़की
9. BHU
वाराणसी
टॉप 10 विश्वविद्यालय
1. IIS
बंगलुरु
2. JNU नई
दिल्ली
3. BHU
वाराणसी
4. जवाहर लाल नेहरु उन्नत वैज्ञानिक अनुसंधान
केंद्र, बंगलुरु
5. जादवपुर विश्वविद्यालय, कलकत्ता
6. अन्ना विश्वविद्यालय, चेन्नई
7. हैदराबाद विश्वविद्यालय, हैदराबाद
8. दिल्ली विश्वविद्यालय, नई दिल्ली
9. अमृता विश्वविद्यालय, कोयम्बटूर
10.
सावित्री
बाई फुले विश्वविद्यालय, पुणे
देश के 5 श्रेष्ठतम कॉलेज
1. मिरांडा हाउस, नई दिल्ली
2. लोयला कॉलेज, चेन्नई
3. श्री राम कॉलेज ऑफ़ कॉमर्स, नई दिल्ली
4. हेबर कॉलेज, तिरुचिरापल्ली
5. आत्माराम सनातन धर्म कॉलेज, दिल्ली
मुक्त एवं दूरस्थ शिक्षा (Open and Distance Education)
§ मानव संसाधन विकास मंत्रालय के अनुसार यह एक ऐसी
शिक्षण प्रणाली है जिसमें शिक्षक और शिक्षार्थी को एक ही स्थान पर एक ही समय में
होने की कोई आवश्यकता नहीं है.
§ यह शिक्षण प्रणाली कार्य विधियों एवं शिक्षण समय
के बारे में बहुत लचीली है.
§ इसमें आवश्यक गुणवत्ता के साथ समझौता किए बिना
ही प्रवेश सुगमता से मिल जाता है.
§ दूरस्थ शिक्षा प्रणाली की निम्नलिखित विशेषताएँ
हैं-
1. नियमित तौर पर संस्थान में जाकर अध्ययन करने की
कोई आवश्यकता नहीं है.
2. आयोजित की जाने वाली कक्षाओं की संख्या सीमित
होती है.
3. शिक्षण हेतु ICT का प्रयोग किया जाता है.
4. सामान्य शिक्षा की तुलना में इसका नामांकन शुल्क
बहुत कम होता है.
5. इसमें विद्यार्थियों की संख्या की कोई सीमा नहीं
होती है.
6. इसमें रोजगार के साथ-साथ पढ़ाई की जा सकती है.
7. इसमें कम अंक के साथ भी दाखिला लिया जा सकता है.
8. इसमें नामांकन की आयु सीमा निर्धारित नहीं होती.
9. इसके उपाधि की मान्यता सामान्य शिक्षण जितनी ही
होती है.
दूरस्थ शिक्षण प्रणाली का क्रमागत विकास:
§ विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC)
1955-60 के अपनी रिपोर्ट में Evening, और पत्राचार कोर्स प्रारंभ करने का सुझाव दिया.
§ दूरस्थ शिक्षा का आरंभ 1960 के दशक में हो गया
था.
§ 1962 में दिल्ली विश्वविद्यालय का पत्राचार पाठ्यक्रम
शुरू हुआ.
§ 1968 में पंजाब विश्वविद्यालय, पटियाला एवं राजस्थानी
विश्वविद्यालय, जयपुर ने पत्राचार पाठ्यक्रम आरंभ किया.
§ 1969 में मेरठ तथा
मैसूर ने पत्राचार विश्वविद्यालय प्रारंभ किया.
§ 1970-80 के बीच 19
प्रादेशिक विश्वविद्यालयों द्वारा पत्राचार पाठ्यक्रम शुरू किया गया.
§ 80 के दशक में सरकार ने
मुक्त विश्वविद्यालय प्रणाली की शुरुआत की.
§ डॉ. भीमराव अम्बेडकर
मुक्त विश्वविद्यालय, हैदराबाद, आंध्र प्रदेश भारत का पहला मुक्त
विश्वविद्यालय है जिसकी स्थापना 26 अगस्त 1982 में हुई.
§ 1985 में IGNOU की स्थापना हुई. यह दूरस्थ शिक्षा प्रणाली में
एक महत्त्वपूर्ण घटना थी.
§ 1989 में National Open School की स्थापना हुई.
इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU),
दिल्ली
§ इसका मुख्य कार्यालय दिल्ली में हाई.
§ यह दुनिया का सबसे बड़ा विश्वविद्यालय है.
§ भारत तथा अन्य 33 देशों के लगभग 30 लाख
विद्यार्थी इसमें अध्ययन करते हैं.
§ यह विश्वविद्यालय भारत में Open
एवं Distance अध्ययन का ‘राष्ट्रीय संसाधन केंद्र’ है.
§ इसके अंतर्गत डिप्लोमा, स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी
की तैयारी कराई जाती है.
अखिल भारतीय उच्च
शिक्षा सर्वेक्षण रिपोर्ट (All India Survey on Higher Education-
AISHE)
§ भारत की उच्चतर शिक्षा व्यवस्था अमेरिका, चाइना के बाद तीसरे
स्थान पर आती है. लेकिन दुर्भाग्य की बात यह है कि दुनिया के शीर्ष 200
विश्वविद्यालयों की सूची में भारत का एक भी विश्वविद्यालय शामिल नहीं है.
§ उच्च शिक्षण संस्थानों को तीन श्रेणियों में
विभाजित किया गया है-
1. विश्वविद्यालय
2. कॉलेज
3. एकल संचालित संस्थान
§ 313 विश्वविद्यालय ऐसे हैं जिनका प्रबंधन निजी
हाथों में है.
§ 338 विश्वविद्यालय ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित
है.
§ भारत के सर्वाधिक कॉलेज वाले 8 शीर्ष राज्य हैं-
1. उत्तर प्रदेश
2. महाराष्ट्र
3. कर्नाटक
4. राजस्थान
5. आंध्र प्रदेश
6. तेलंगाना
7. तमिलनाडू
8. मध्य प्रदेश
§ सर्वाधिक कॉलेज घनत्व तेलंगाना में (59) है.
§ न्यूनतम कॉलेज घनत्व बिहार में (7) है.
§ उच्चतम नामांकन की दृष्टि से उत्तर प्रदेश शीर्ष
पर है. जबकि महाराष्ट्र एवं तमिलनाडू क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर है.
§ देश में 15 महिला कॉलेज हैं जिसमें 4 राजस्थान
में, 2 तमिलनाडू में और आंध्र प्रदेश, असम, दिल्ली, हरियाणा, कर्नाटक, महाराष्ट्र, ओड़िसा, उत्तराखंड, तथा पश्चिम बंगाल में क्रमशः एक-एक
विश्वविद्यालय है.
§ बंगलुरु जिले में सर्वाधिक (1025) कॉलेज हैं.
§ जयपुर जिले में इसकी संख्या 635 है और यह दूसरे
स्थान पर है.
§ पीएचडी में प्रत्येक वर्ष 33.6% नामांकन स्टेट
यूनिवर्सिटी में, 14.3% केन्द्रीय विश्वविद्यालय में और 13.4% डीम्ड विश्वविद्यालय
में होते हैं.
§ भारत का पहला आभासी विश्वविद्यालय महाराष्ट्र
में है.
समाप्त

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