‘राजा निरबंसिया’- कमलेश्वर
‘ राजा निरबंसिया ’- कमलेश्वर प्रमुख पात्र: मैं , जगपती , चंदा , बचनसिंह , शकूरे , हंसराज पंजाबी , सुदर्शन दर्जी , जमुना सुनार , बंसी किरानेवाले , मदसूदन और मुंशीजी। प्रमुख कथन: 1. मेरे सामने मेरे ख्यालों का राजा था , राजा जगपती। तब जगपती से मेरी दोस्ती दांतकाटी दोस्ती थी।– मैं 2. मैं मैट्रिक पास करके एक स्कूल नें नौकर हो गया और जगपती कस्बे के ही वकील के यहाँ मुहर्रिर। - मैं 3. बेटा जगपती बड़े लाड़-प्यार का पला है। जब से तुम्हारे ससुर नहीं रहे , तब से इसके छोटे-छोटे हठ पूरा करती हूँ। अब तुम ध्यान रखना। (जगपती की माँ चंदा से) 4. ये हवाई बंदूकें इन ठेल-पिलाई लाठियों का मुक़ाबला नहीं कर पाएँगी। - जगपती 5. कस्बे का अस्पताल था। कंपाउंडर ही मरीज की देखभाल रखते। बड़ा डॉक्टर तो नाम के लिए था या कस्बे के बड़े आदमियों के लिए। छोटे आदमियों के लिए तो कंपोटर साहेब ही ईश्वर के अव...